तस्कर एवं आबकारी विभाग के पुलिस के बीच जंग में बाल बच्चे ग्रामीण बच्चे, ग्रामीण एवं पशु।
पुलिस गाड़ी की सायरन ने लोगों को बचा ली जान।
रफ्तार की कहर ग्रामीण सड़क में ऐसा था जो देखकर सारे लोग हतप्रभ थे।
दैनिक शुभ भास्कर,
अनिल कुमार मिश्र, संपादक, बिहार -झारखंड प्रदेश।
औरंगाबाद (बिहार) अम्बा थाना और कुटुम्बा थाना क्षेत्र में शराब तस्कर एवं आबकारी विभाग के बीच रिश्वत लेने और नहीं देने के लिए आंख मिचौनी का खेल जनता के लिए दिन प्रतिदिन घातक सिद्ध होते रहा है। रिश्वत के लिए आबकारी विभाग के अधिकारी कब तक यह खेल तस्करों के साथ खेलते रहेंगे , या खुद सीमावर्ती क्षेत्र के थाना अध्यक्ष को ही पता नहीं है, तो आम अवाम की हालत क्या होगा यह तो सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है।
विश्व सूत्रों की बात मान ली जाए तो दोनों एक दूसरे के लिए रिश्वत के मामले में प्रतिद्वंद्वी साबित हो रहे हैं, लेकिन थानाध्यक्ष अम्बा के पदस्थापन से यह मिथ्या अम्बा थाना क्षेत्र में मिटते दिखाई दे रहे हैं।
अब सवाल उठता है की आबकारी विभाग के पुलिस जब शराब तस्कर को 5 किलोमीटर की दूरी से शराब को पकड़ने के लिए तस्कर का पीछा कर रहे थे तो उन लोगों ने क्षेत्राधिकार वाले अम्बा थाना के पुलिस का सहयोग क्यों नहीं लिया ? अगर ग्रामीण ,बच्चे ग्रामीण या पशु इन गाड़ियों की रफ्तार में गाड़ी के नीचे आ जाते , चप जाते तो इसका जवाबदेही कौन लेता / और किसका होता ।
उपरोक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग ग्रामीणों ने पुलिस कप्तान औरंगाबाद एवं जिला पदाधिकारी औरंगाबाद से की है तथा आबकारी विभाग के दोषी अधिकारियों एवं तस्करों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग किया है।
ज्ञात हो कि अम्बा थाना क्षेत्र के ग्रामीण सड़क के गांव के टेढ़े मेढ़े गलियों में चार चक्का दो गाड़ियों की रफ्तार की कहर ऐसा था जो देखकर सारे लोग हतप्रभ थे। तस्कर एवं पुलिस की गाड़ी एक दुसरे से सटे हुए इतने तेज रफ्तार में था कि जो भी गाड़ी के सामने आ जाते ,उनको बच पाना मुश्किल था।
तस्कर एवं आबकारी विभाग के पुलिस की यह खेल अम्बा थाना क्षेत्र के ग्राम ढ़ोंगरा होते हुए चन्दौत गांव में तांडव के दृश्य में था। गाड़ी लेकर आगे -आगे तस्कर के ड्राइवर भाग रहा था ,माफिया अपने बचने के लिए गाड़ी से कुद कुद कर ग्रामीण के घरों में घुस रहे थे रहे और आबकारी विभाग के पुलिस शराब से लदे तस्कर के चार चक्का की गाड़ी को पीछा कर रही थी।
सूत्रों की बात मान ली जाए तो उत्तरी कोयल नहर से घटनास्थल तक कई पालतू पशु बकरी को रौद दिए गये हैं।